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ऋग्वेद

Mandal 7 • Sukta 66 • Mantra / Rik 11

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 7 • सूक्त 66 • ऋचा / मन्त्र 11

7.66.11

Mantra ID: 7.66.11

वि ये द॒धुः श॒रदं॒ मास॒मादह॑र्य॒ज्ञम॒क्तुं चादृच॑म् । अ॒ना॒प्यं वरु॑णो मि॒त्रो अ॑र्य॒मा क्ष॒त्रं राजा॑न आशत ॥ (११)

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ऋग्वेद मन्त्र 7.66.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

मित्र, वरुण एवं अर्यमा ने सुशोभित होकर दूसरों द्वारा अप्राप्त बल पाया है तथा संवत्सर, मास, दिवस, रात्रि एवं ऋचाओं की रचना की है. (११)

EN English Translation

Friends, Varuna and Aryama have been adorned and have found the strength of others unstained and have composed samvatsars, months, days, nights and rituals. (11)

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