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7.66.12
तद्वो॑ अ॒द्य म॑नामहे सू॒क्तैः सूर॒ उदि॑ते । यदोह॑ते॒ वरु॑णो मि॒त्रो अ॑र्य॒मा यू॒यमृ॒तस्य॑ रथ्यः ॥ (१२)
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ऋग्वेद मन्त्र 7.66.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे उदक के नेता वरुण, मित्र और अर्यमा! तुम जिस धन को धारण करते हो, हम आज सूर्य निकलने पर वही धन स्तुतियों द्वारा मांगते हैं. (१२)
EN English Translation
O Udak's leader Varuna, friend and Aryama! The wealth you hold, we ask for the same wealth by the praises when the sun comes out today. (12)