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ऋग्वेद

Mandal 7 • Sukta 66 • Mantra / Rik 13

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 7 • सूक्त 66 • ऋचा / मन्त्र 13

7.66.13

Mantra ID: 7.66.13

ऋ॒तावा॑न ऋ॒तजा॑ता ऋता॒वृधो॑ घो॒रासो॑ अनृत॒द्विषः॑ । तेषां॑ वः सु॒म्ने सु॑च्छ॒र्दिष्ट॑मे नरः॒ स्याम॒ ये च॑ सू॒रयः॑ ॥ (१३)

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ऋग्वेद मन्त्र 7.66.13 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे यज्ञयुक्त, यज्ञ के लिए उत्पन्न, यज्ञ बढ़ाने वाले, भयानक एवं यज्ञहीनों से द्वेष करने वाले नेताओ! हम एवं अन्य ऋत्विज्‌ ही तुम्हारे सुखदायक धन के अधिकारी हैं. (१३)

EN English Translation

O yajna-yukta, leaders who are born for yajna, who increase the yagna, who are fierce and hate the sacrificial! We and other rituals are entitled to your soothing wealth. (13)

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