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ऋग्वेद

Mandal 7 • Sukta 69 • Mantra / Rik 6

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 7 • सूक्त 69 • ऋचा / मन्त्र 6

7.69.6

Mantra ID: 7.69.6

नरा॑ गौ॒रेव॑ वि॒द्युतं॑ तृषा॒णास्माक॑म॒द्य सव॒नोप॑ यातम् । पु॒रु॒त्रा हि वां॑ म॒तिभि॒र्हव॑न्ते॒ मा वा॑म॒न्ये नि य॑मन्देव॒यन्तः॑ ॥ (६)

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ऋग्वेद मन्त्र 7.69.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे नेता अश्विनीकुमारो! हिरणी के समान चमकते हुए सोम को पीने की इच्छा से हमारे सवनों में आओ. यजमान बहुत से यज्ञं में तुम्हें स्तुतियों द्वारा बुलाते हैं. जिससे अन्य देवाभिलाषी तुम्हें न रोक पावें. (६)

EN English Translation

O leader Ashwinikumaro! Come to our savans with the desire to drink the shining mon like deer. Hosts call you by hymns in many yagnas. So that other gods can't stop you. (6)

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