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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 32 • Mantra / Rik 20

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 32 • ऋचा / मन्त्र 20

8.32.20

Mantra ID: 8.32.20

पिब॒ स्वधै॑नवानामु॒त यस्तुग्र्ये॒ सचा॑ । उ॒तायमि॑न्द्र॒ यस्तव॑ ॥ (२०)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.32.20 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! अपनी गाय के बदले खरीदे गए एवं जल की सहायता से तैयार किए गए इस अपने सोमरस को पिओ. (२०)

EN English Translation

O Indra! Drink this somras bought in exchange for your cow and prepared with the help of water. (20)

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