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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 46 • Mantra / Rik 11

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 46 • ऋचा / मन्त्र 11

8.46.11

Mantra ID: 8.46.11

न॒हि ते॑ शूर॒ राध॒सोऽन्तं॑ वि॒न्दामि॑ स॒त्रा । द॒श॒स्या नो॑ मघव॒न्नू चि॑दद्रिवो॒ धियो॒ वाजे॑भिराविथ ॥ (११)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.46.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! यह बात सत्य है कि मैं तुम्हारे धन का अंत नहीं जानता हूं. हे धनी एवं वज्र वाले इंद्र! हमें शीघ्र धन दो एवं अन्रों द्वारा हमारे यज्ञकर्मो की रक्षा करो. (११)

EN English Translation

O Indra! It's true that I don't know the end of your wealth. O rich and thunderous Indra! Give us quick money and protect our sacrificial deeds through the inside. (11)

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