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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 59 • Mantra / Rik 1

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 59 • ऋचा / मन्त्र 1

8.59.1

Mantra ID: 8.59.1

यो राजा॑ चर्षणी॒नां याता॒ रथे॑भि॒रध्रि॑गुः । विश्वा॑सां तरु॒ता पृत॑नानां॒ ज्येष्ठो॒ यो वृ॑त्र॒हा गृ॒णे ॥ (१)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.59.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

मैं प्रजाओं के राजा, रथ द्वारा चलने वाले, गमन में निर्बाध, सभी सेनाओं को तारने वाले, ज्येष्ठ एवं वृत्रह॑ता इंद्र की स्तुति करता हूं. (१)

EN English Translation

I praise Indra, the king of the people, who walks by the chariot, who walks uninterrupted in transit, who has wired all armies, the eldest and the vrithrahuta. (1)

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