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ऋग्वेद

Mandal 8 • Sukta 85 • Mantra / Rik 15

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 8 • सूक्त 85 • ऋचा / मन्त्र 15

8.85.15

Mantra ID: 8.85.15

अध द्रप्सो अंशुमत्या उपस्थेऽधारयत्तन्वं तित्विषाणः. विशो अदेवीरभ्या३ चरन्तीर्बृहस्पतिना युजेन्द्रः ससाहे.. (१५)

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ऋग्वेद मन्त्र 8.85.15 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

तेज चलने वाला कृष्ण असुर अंशुमती नदी के किनारे दीप्तिशाली बनकर रहता था। इंद्र ने बृहस्पति की सहायता से काली एवं आक्रमण हेतु आती हुई सेनाओं का वध किया. (१५)

EN English Translation

The fast-moving Krishna Asura lived as radiant on the banks of the Anshumati river. Indra, with the help of Jupiter, killed Kali and the invading armies. (15)

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