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सामवेद

Chapter / Prapathak 12 • Dashati / Sukta 6 • Mantra 9

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 12 • दशती / सूक्त 6 • मन्त्र 9

12.6.9

Mantra ID: 12.6.9

पवस्व वाजसातये पवित्रे धारया सुतः । इन्द्राय सोम विष्णवे देवेभ्यो मधुमत्तरः ॥ (९)

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सामवेद मन्त्र 12.6.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! आप रसीले हैं. आप अपनी मधुर धारा से इंद्र, विष्णु व सभी देवों को तृप्त कीजिए. आप ट्रोणकलश में प्रवाहित होने की कृपा कीजिए. (९)

EN English Translation

O Mon! You're succulent. You satisfy Indra, Vishnu and all the gods with your sweet stream. Please flow in the tronalash. (9)

卐 HinduText AI