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सामवेद

Chapter / Prapathak 16 • Dashati / Sukta 7 • Mantra 2

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 16 • दशती / सूक्त 7 • मन्त्र 2

16.7.2

Mantra ID: 16.7.2

पावमानीर्यो अध्येत्यृषिभिः सम्भृतँ रसम् । तस्मै सरस्वती दुहे क्षीरँ सर्पिर्मधूदकम् ॥ (२)

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सामवेद मन्त्र 16.7.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

ऋषियों ने वेद मंत्रों की रचना की है. जो यजमान उन का अध्ययनमनन करता है, उस का ज्ञान बढ़ाने के लिए सरस्वती सहायता करती हैं. उस यजमान के लिए शहद, दूध, घी आदि पोषक स्वयं प्रदान करती हैं. (२)

EN English Translation

Sages have composed Veda mantras. Saraswati helps to increase the knowledge of the host who studies them. For that host, honey, milk, ghee etc. provide nutrients themselves. (2)

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