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17.1.5
यदद्य सूर उदितेऽनागा मित्रो अर्यमा । सुवाति सविता भगः ॥ (५)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
सामवेद मन्त्र 17.1.5 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
सूर्य के उदित होने पर पवित्र मित्र, अर्यमा, सविता व भग हमें मनचाहा धन प्राप्त कराने की कृपा करें. (५)
EN English Translation
When the sun rises, may holy friends, Aryama, Savita and Bhaga please get us the money we want. (5)