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सामवेद

Chapter / Prapathak 17 • Dashati / Sukta 2 • Mantra 9

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 17 • दशती / सूक्त 2 • मन्त्र 9

17.2.9

Mantra ID: 17.2.9

अजीजनो हि पवमान सूर्यं विधारे शक्मना पयः । गोजीरया रँहमानः पुरन्ध्या ॥ (९)

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सामवेद मन्त्र 17.2.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! आप पवित्र हैं. आप सूर्य को उत्पन्न करने की और सूर्य जल धारण करने की सामर्थ्य रखते हैं. सूर्य पृथ्वीलोक में जीवन को गतिशील बनाने में समर्थ हैं. (९)

EN English Translation

O Mon! You are holy. You have the ability to produce the sun and hold the sun water. The Sun is capable of making life dynamic in the earth. (9)

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