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सामवेद

Chapter / Prapathak 19 • Dashati / Sukta 6 • Mantra 1

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 19 • दशती / सूक्त 6 • मन्त्र 1

19.6.1

Mantra ID: 19.6.1

आ सुते सिञ्चत श्रियँ रोदस्योरभिश्रियम् । रसा दधीत वृषभम् ॥ (१)

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सामवेद मन्त्र 19.6.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे देवताओ! सोमरस चमकीला और दूधिया है. आप आकाश और पृथ्वी पर उस सोमरस को मिलाइए. वह दूधियापन सोमरस को अपने में मिला लेता है. (१)

EN English Translation

O gods! Somerus is bright and milky. You mix that somerus on the sky and the earth. He merges milkiness someras into himself. (1)

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