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सामवेद

Chapter / Prapathak 19 • Dashati / Sukta 6 • Mantra 2

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 19 • दशती / सूक्त 6 • मन्त्र 2

19.6.2

Mantra ID: 19.6.2

ते जानत स्वमोक्या३ँ सं वत्सासो न मातृभिः । मिथो नसन्त जामिभिः ॥ (२)

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सामवेद मन्त्र 19.6.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

भीड़ में भी जैसे बछड़े अपनी मां गायों के पास चले जाते हैं, वैसे ही सोम आश्रयदाताओं के पास चले जाते हैं. गाएं जैसे अपने बाड़ों को जानती हैं, वैसे ही ये अपने जाने योग्य स्थान को जानते हैं. (२)

EN English Translation

Even in the crowd, just as calves go to their mother cows, Som goes to the shelters. Just as the cows know their enclosures, they know their place to go. (2)

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