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सामवेद

Chapter / Prapathak 23 • Dashati / Sukta 3 • Mantra 9

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 23 • दशती / सूक्त 3 • मन्त्र 9

23.3.9

Mantra ID: 23.3.9

त्वां विष्णुर्बृहन्क्षयो मित्रो गृणाति वरुणः । त्वाँ शर्धो मदत्यनु मारुतम् ॥ (९)

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सामवेद मन्त्र 23.3.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! आप विशाल व आश्रयदाता हैं. विष्णु, मित्र और वरुण आप की स्तुति गाते हैं. मरुद्गण आप को प्रसन्न करते हैं. (९)

EN English Translation

O Indra! You are a giant and a shelter. Vishnu, Mitra and Varuna sing praises of you. The deserts please you. (9)

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