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सामवेद

Chapter / Prapathak 3 • Dashati / Sukta 11 • Mantra 9

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 3 • दशती / सूक्त 11 • मन्त्र 9

3.11.9

Mantra ID: 3.11.9

आ त्वा सखायः सख्या ववृत्युस्तिरः पुरू चिदर्णवां जगम्याः । पितुर्नपातमा दधित वेधा अस्मिन्क्षये प्रतरां दीद्यानः ॥ (९)

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सामवेद मन्त्र 3.11.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! आप अंतरिक्षलोक में मौजूद हैं. हम आप के मित्र हैं. हम उत्तम प्रार्थनाओं से आप का आह्वान करते हैं. आप के प्रभाव और कृपा से हमें पुत्र और पौत्रों की प्राप्ति हो. (९)

EN English Translation

O Indra! You exist in space. We are your friends. We call upon you with the best prayers. With your influence and grace, we get sons and grandsons. (9)

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