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सामवेद

Chapter / Prapathak 4 • Dashati / Sukta 2 • Mantra 9

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 4 • दशती / सूक्त 2 • मन्त्र 9

4.2.9

Mantra ID: 4.2.9

अमी ये देवा स्थन मध्य आ रोचने दिवः । कद्व ऋतं कदमृतं का प्रत्ना व आहुतिः ॥ (९)

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सामवेद मन्त्र 4.2.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे देवगणो! कृपया आप हमें यह बताइए कि जब सूर्योदय होता है और आकाश प्रकाशित हो जाता है तब हमारी प्रार्थना आप तक पहुंचती है या नहीं? हमारी विशेष आहुति को आप पाते हैं या नहीं? (९)

EN English Translation

O God! Please tell us whether our prayers reach you when the sunrise is there and the sky is illuminated or not? Do you find our special sacrifice or not? (9)

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