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सामवेद

Chapter / Prapathak 9 • Dashati / Sukta 3 • Mantra 5

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 9 • दशती / सूक्त 3 • मन्त्र 5

9.3.5

Mantra ID: 9.3.5

रसाय्यः पयसा पिन्वमान ईरयन्नेषि मधुमन्तमँशुम् । पवमान सन्तनिमेषि कृण्वन्निन्द्राय सोम परिषिच्यमानः ॥ (५)

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सामवेद मन्त्र 9.3.5 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

स्वादिष्ट और मीठा सोमरस गाय का दूध मिलाने से और स्वादिष्ट और मीठा हो जाता है. पानी मिला कर छानने पर धारा रूप धारण कर के सोम इंद्र को प्राप्त हो जाते हैं. (५)

EN English Translation

Delicious and sweet someras becomes more delicious and sweet by adding cow's milk. After mixing water and filtering, som takes the form of a stream and gets Indra. (5)

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