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अथर्ववेद

Kanda 18 • Sukta 4 • Mantra 44

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 18 • सूक्त 4 • मन्त्र 44

18.4.44

Mantra ID: 18.4.44

इ॒दं पूर्व॒मप॑रंनि॒यानं॒ येना॑ ते॒ पूर्वे॑ पि॒तरः॒ परे॑ताः । पु॑रोग॒वा ये अ॑भि॒शाचो॑ अस्य॒ तेत्वा॑ वहन्ति सु॒कृता॑मु लो॒कम् ॥ (४४)

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अथर्ववेद मन्त्र 18.4.44 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

इस लोक में प्राणी जिस के माध्यम से यात्रा करते हैं, मृतक को ढोने वाली वह गाड़ी प्राचीन और नवीन दोनों प्रकार की है. हे प्रेत! इसी के द्वारा तेरे पूर्व पुरुष ढोए गए थे. इस के दोनों ओर जोड़े गए दोनों बैल तुझे पुण्यात्माओं का लोक प्राप्त कराएं. (४४)

EN English Translation

The vehicle that carries the dead through which the creatures travel in this world is both ancient and new. O ghost! Through this your former men were carried. May the two bulls added on either side of it get you the world of pious. (44)

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