Kanda 9 • Sukta 5
Atharvaveda (अथर्ववेद)
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Kanda 9 • Sukta 5
आ न॑यै॒तमा र॑भस्व सु॒कृतां॑ लो॒कमपि॑ गच्छतु प्रजा॒नन् । ती॒र्त्वा तमां॑सि बहु॒धा म॒हान्त्य॒जो नाक॒मा क्र॑मतां तृ॒तीय॑म् ॥ (१)
हि हिन्दी अनुवाद
इस अज को लाओ और यज्ञ कर्म आरंभ करो. जानता हुआ यह पुण्यात्माओं के लोक को भी जाए. यह अनेक प्रकार के विशाल अंधकारों को पार कर के तीसरे स्वर्ग में पहुंचे. (१)
EN English Translation
Bring this aj and start the yajna karma. Knowing that it should also go to the world of the saints. He overcame many types of vast darknesses and reached the third heaven. (1)
इन्द्रा॑य भा॒गं परि॑ त्वा नयाम्य॒स्मिन्य॒ज्ञे यज॑मानाय सू॒रिम् । ये नो॑ द्वि॒षन्त्यनु॒ तान्र॑भ॒स्वाना॑गसो॒ यज॑मानस्य वी॒राः ॥ (२)
हि हिन्दी अनुवाद
हे अज! मैं इस यज्ञ में तुझे इंद्र के भाग के लिए यजमान के समीप ले जा रहा हूं. जो हमारे शन्रु हैं, तू उन पर पैर रख और यजमान के पुत्र आदि को पाप रहित बना. (२)
EN English Translation
O Aj! I am taking you to the host for Indra's part in this yajna. Set your feet on those who are our peace, and make the host's sons, etc., sinless. (2)
प्र प॒दोऽव॑ नेनिग्धि॒ दुश्च॑रितं॒ यच्च॒चार॑ शु॒द्धैः श॒फैरा क्र॑मतां प्रजा॒नन् । ती॒र्त्वा तमां॑सि बहु॒धा वि॒पश्य॑न्न॒जो नाक॒मा क्र॑मतां तृ॒तीय॑म् ॥ (३)
हि हिन्दी अनुवाद
हे पाप कर्म करने वाले अज! तू अपने पैरों को पवित्र कर एवं जानता हुआ अपने खुरों से स्वर्ग में आरोहण कर. यह अज अनेक प्रकार के अंधकारों को पार करता हुआ तृतीय स्वर्ग में पहुंचे. (३)
EN English Translation
O one who commits sin! Sanctify your feet and ascend to heaven with your hooves, knowing. This aj reached the third heaven, crossing many types of darkness. (3)
अनु॑छ्य श्या॒मेन॒ त्वच॑मे॒तां वि॑शस्तर्यथाप॒र्वसिना॒ माभि मं॑स्थाः । माभि द्रु॑हः परु॒शः क॑ल्पयैनं तृ॒तीये॒ नाके॒ अधि॒ वि श्र॑यैनम् ॥ (४)
हि हिन्दी अनुवाद
हे विशस्त! अर्थात् विशेष शासक काले लोहे के शस्त्र के द्वारा इस को शुद्ध करो. इस के जोड़ों को कष्ट न हो. इस के प्रत्येक जोड़ की कल्पना करते हुए इसे तीसरे स्वर्ग में पहुंचाओ. (४)
EN English Translation
O vishvast! That is, purify it by special ruler black iron weapon. Do not hurt the joints of this. Imagine each addition of this and deliver it to the third heaven. (4)
ऋ॒चा कु॒म्भीमध्य॒ग्नौ श्र॑या॒म्या सि॑ञ्चोद॒कमव॑ धेह्येनम् । प॒र्याध॑त्ता॒ग्निना॑ शमितारः शृ॒तो ग॑च्छतु सु॒कृतां॒ यत्र॑ लो॒कः ॥ (५)
हि हिन्दी अनुवाद
मैं ऋग्वेद के मंत्रों के द्वारा कुंभी को अग्नि पर रखता हूं. तू जल छिड़क कर इसे अग्नि पर रख. हे शमिता जनो! यह शुद्ध अर्थात् परिपक्व हो कर पुण्यवानों के लोक को जाए. (५)
EN English Translation
I keep the kumbhi on agni through the mantras of rigveda. Sprinkle water and put it on the agni. O Shamita! It should be pure, that is, mature and go to the world of virtuous. (5)
उत्क्रा॒मातः॒ परि॑ चे॒दत॑प्तस्त॒प्ताच्च॒रोरधि॒ नाकं॑ तृ॒तीय॑म् । अ॒ग्नेर॒ग्निरधि॒ सं ब॑भूविथ॒ ज्योति॑ष्मन्तम॒भि लो॒कं ज॑यै॒तम् ॥ (६)
हि हिन्दी अनुवाद
हे अज! तू इस तपे हुए अर्थात् परिपक्व चर के द्वारा स्वर्ग में जाने के लिए ऊपर चढ़. तू अन्ने के द्वारा अग्नि रूप हो गया है एवं प्रकाश वाले लोकों को प्राप्त कर. (६)
EN English Translation
O Aj! You climb up to go to heaven by this hot i.e. mature variable. You have become a form of agni through the unknown and attain the worlds of light. (6)
अ॒जो अ॒ग्निर॒जमु॒ ज्योति॑राहुर॒जं जीव॑ता ब्र॒ह्मणे॒ देय॑माहुः । अ॒जस्तमां॒स्यप॑ हन्ति दू॒रम॒स्मिंल्लो॒के श्र॒द्दधा॑नेन द॒त्तः ॥ (७)
हि हिन्दी अनुवाद
मनीषियों ने ऐसा कहा है कि अज ही अग्नि है और अज ही ज्योति है. जीवित पुरुष के द्वारा अज को ब्रह्म के लिए देने योग्य कहा गया है. शद्धालु पुरुष द्वारा इस लोक में दान किया हुआ अज दूरवर्ती लोकों में अंधकार का विनाश करता है. (७)
EN English Translation
Mystics have said that aj is agni and aj is light. Aj has been said to be worthy of giving to Brahman by the living man. The aj donated to this world by the wise man destroys darkness in the distant worlds. (7)
पञ्चौ॑दनः पञ्च॒धा वि क्र॑मतामाक्रं॒स्यमा॑न॒स्त्रीणि॒ ज्योतीं॑षि । ई॑जा॒नानां॑ सु॒कृतां॒ प्रेहि॒ मध्यं॑ तृ॒तीये॒ नाके॒ अधि॒ वि श्र॑यस्व ॥ (८)
हि हिन्दी अनुवाद
पंचौदन अर्थात् पांच प्रकार के भातों के पांच क्रम दिए जाएं. वह आक्रमण करता हुआ सूर्य, चंद्र, अग्नि-इन तीनों ज्योतियों में आरूढ़ हो. तू यज्ञ करने वाले पुण्यात्माओं के मध्य में जा कर तीसरे स्वर्ग को प्राप्त हो. (८)
EN English Translation
Panchaudan i.e. five orders of five types of rice should be given. He is mounted in the three lights - sun, moon, agni - attacking. You go among the virtuous souls who perform yajna and attain the third heaven. (8)
अजा रो॑ह सु॒कृतां॒ यत्र॑ लो॒कः श॑र॒भो न च॒त्तोऽति॑ दु॒र्गाण्ये॑षः । पञ्चौ॑दनो ब्र॒ह्मणे॑ दी॒यमा॑नः॒ स दा॒तारं॒ तृप्त्या॑ तर्पयाति ॥ (९)
हि हिन्दी अनुवाद
हे अज! तू ऐसे पुण्यात्माओं के लोक में आरोहण कर, जहां शरभ अर्थात् हिंसक बाघ नहीं जा सकता और जहां समस्त दुर्लभ पदार्थ उपलब्ध हैं. ब्रह्मा के निमित्त दिया जाने वाला पंचौदन दाता को तृप्ति प्रदान करता है. (९)
EN English Translation
O Aj! You should climb into the world of such pious, where the violent tiger cannot go and where all the rare substances are available. Panchodan given for Brahma gives satisfaction to the donor. (9)
अ॒जस्त्रि॑ना॒के त्रि॑दि॒वे त्रि॑पृ॒ष्ठे नाक॑स्य पृ॒ष्ठे द॑दि॒वांसं॑ दधाति । पञ्चौ॑दनो ब्र॒ह्मणे॑ दी॒यमा॑नो वि॒श्वरू॑पा धे॒नुः का॑म॒दुघा॒स्येका॑ ॥ (१०)
हि हिन्दी अनुवाद
यह अज देने वाले को तीसरे स्वर्ग में और तीन पृ्ठों वाले स्वर्ग में पहुंचाता है. ब्रह्मा के निमित्त दिया हुआ पंचौदन यजमान को इच्छानुसार दूध देने वाली एवं अनेक रूप वाली धेनु बन जाता है. (१०)
EN English Translation
It brings the giver to the third heaven and the three-page heaven. The Panchaudan given for Brahma becomes the milk-giving and many forms of dhenu given to the host as per his wish. (10)
ए॒तद्वो॒ ज्योतिः॑ पितरस्तृ॒तीयं॒ पञ्चौ॑दनं ब्र॒ह्मणे॒ऽजं द॑दाति । अ॒जस्तमां॒स्यप॑ हन्ति दू॒रम॒स्मिंल्लो॒के श्र॒द्दधा॑नेन द॒त्तः ॥ (११)
हि हिन्दी अनुवाद
हे पितरो! जो ब्रह्मा के निमित्त तृतीय पंचौदन के रूप में अज का दान करता है, श्रद्धालु के द्वारा इस लोक में दिया हुआ यह अज दूरवर्ती लोक में विस्तृत अंधकार का विनाश करता है. (११)
EN English Translation
O father! Who donates Aj in the form of the third Panchodan for Brahma, this aj given by the devotee in this world destroys the wide darkness in the distant world. (11)
ई॑जा॒नानां॑ सु॒कृतां॑ लो॒कमीप्स॒न्पञ्चौ॑दनं ब्र॒ह्मणे॒ऽजं द॑दाति । स व्याप्तिम॒भि लो॒कं ज॑यै॒तं शि॒वो॒ऽस्मभ्यं॒ प्रति॑गृहीतो अस्तु ॥ (१२)
हि हिन्दी अनुवाद
यज्ञ करने वाले पुण्यात्माओं के लोक में जाने की इच्छा करने वाला जो यजमान ब्रह्मा के लिए अज का दान करता है, वह मंगलमय स्थान प्राप्त करता है एवं स्वर्ग को जीतता है. (१२)
EN English Translation
The host who wishes to go to the world of the virtuous performing yajna, who donates aj for Brahma, attains a glorious place and conquers heaven. (12)
अ॒जो ह्यग्नेरज॑निष्ट॒ शोका॒द्विप्रो॒ विप्र॑स्य॒ सह॑सो विप॒श्चित् । इ॒ष्टं पू॒र्तम॒भिपू॑र्तं॒ वष॑ट्कृतं॒ तद्दे॒वा ऋ॑तु॒शः क॑ल्पयन्तु ॥ (१३)
हि हिन्दी अनुवाद
यह ज्ञानी एवं विद्वान् अज ब्राह्मण की अग्नि से प्रकट हुआ है. देवगण इस के कारण इष्ट, पूर्त एवं वषट् कर्म की ऋतु के अनुसार कल्पना करें. (१३)
EN English Translation
It has appeared from the agni of the wise and learned Brahmin. Devgans should imagine the favored, purat and vast karma according to the season due to this. (13)
अ॑मो॒तं वासो॑ दद्या॒द्धिर॑ण्य॒मपि॒ दक्षि॑णाम् । तथा॑ लो॒कान्त्समा॑प्नोति॒ ये दि॒व्या ये च॒ पार्थि॑वाः ॥ (१४)
हि हिन्दी अनुवाद
जो स्वर्ण की दक्षिणा को वस्त्र में लपेट कर देता है, वह पुरुष दिव्य एवं पार्थिव लोकों को प्राप्त करता है. (१४)
EN English Translation
The man who wraps the dakshina of gold in a cloth receives the divine and earthly worlds. (14)
ए॒तास्त्वा॒जोप॑ यन्तु॒ धाराः॑ सो॒म्या दे॒वीर्घृ॒तपृ॑ष्ठा मधु॒श्चुतः॑ । स्त॑भान पृ॑थि॒वीमु॒त द्यां नाक॑स्य पृ॒ष्ठेऽधि॑ स॒प्तर॑श्मौ ॥ (१५)
हि हिन्दी अनुवाद
हे अज! ये घृत मिश्रित और मधु टपकाने वाली सोमरस की दिव्य धाराएं तुझे प्राप्त हों. तू सूर्य के ऊपर स्थित स्वर्ग में विराजमान हो कर पृथ्वी और द्यौ को स्तंभित कर. (१५)
EN English Translation
O Aj! May you receive these divine streams of someras that mix and honey. Sit in heaven above the sun and pillar the earth and the earth. (15)
अ॒जो॒स्यज॑ स्व॒र्गोसि॒ त्वया॑ लो॒कमङ्गि॑रसः॒ प्राजा॑नन् । तं लो॒कं पुण्यं॒ प्र ज्ञे॑षम् ॥ (१६)
हि हिन्दी अनुवाद
हे अज! तू स्वर्ग है. तेरे द्वारा ही अंगिरावंशी ऋषियों ने स्वर्ग को जाना है. मैं ने भी तेरे द्वारा उस पुण्यशाली लोक का ज्ञान प्राप्त किया है. (१६)
EN English Translation
O Aj! You are heaven. It is through you that the Sages of Angiravanshi have known heaven. I have also gained the knowledge of that virtuous world through you. (16)
येना॑ स॒हस्रं॒ वह॑सि॒ येना॑ग्ने सर्ववेद॒सम् । तेने॒मं य॒ज्ञं नो॑ वह॒ स्वर्दे॒वेषु॒ गन्त॑वे ॥ (१७)
हि हिन्दी अनुवाद
हे अग्नि! अपने जिस बालक के द्वारा तुम हजारों प्रकार के ऐश्वर्य को देवों तक ले जाते हो, स्वर्ग प्राप्ति के निमित्त हमारे इस यज्ञ को उसी बल के द्वारा देवताओं तक पहुंचाओ. (१७)
EN English Translation
O agni! The child through which you take thousands of types of opulence to the gods, in order to attain heaven, convey this sacrifice of ours to the gods through the same force. (17)
अ॒जः प॒क्वः स्व॒र्गे लो॒के द॑धाति॒ पञ्चौ॑दनो॒ निरृ॑तिं॒ बाध॑मानः । तेन॑ लो॒कान्त्सूर्य॑वतो जयेम ॥ (१८)
हि हिन्दी अनुवाद
पंचौदन के रूप में पका हुआ अज स्वर्गलोक में स्थापित करता है और पाप की देवी निर््ऋति को बाधा पहुंचाता है. हम इस अज रूपी धन के द्वारा सूर्यवान लोकों पर विजय प्राप्त करें. (१८)
EN English Translation
Aj, cooked as Panchaudan, establishes in heaven and obstructs Nirti, the goddess of sin. May we conquer the sun-rich worlds through this wealth of aj. (18)
यं ब्रा॑ह्म॒णे नि॑द॒धे यं च॑ वि॒क्षु या वि॒प्रुष॑ ओद॒नाना॑म॒जस्य॑ । सर्वं॒ तद॑ग्ने सुकृ॒तस्य॑ लो॒के जा॑नी॒तान्नः॑ सं॒गम॑ने पथी॒नाम् ॥ (१९)
हि हिन्दी अनुवाद
अज के ओदन की जिन बूंदों को ब्राह्मणों के मध्य एवं प्रजाओं में स्थापित करते हैं, हे अग्नि देव! वह सब हमें पुण्यात्माओं के लोक में एवं भागों के संगम में जानें. (१९)
EN English Translation
O Agni God, the drops of Aj's odan that he establishes among the Brahmins and the subjects! All of them know us in the world of the saints and in the confluence of parts. (19)
अ॒जो वा इ॒दम॑ग्ने॒ व्यक्रमत॒ तस्योर॑ इ॒यम॑भव॒द्द्यौः पृ॒ष्ठम् । अ॒न्तरि॑क्षं॒ मध्यं॒ दिशः॑ पा॒र्श्वे स॑मु॒द्रौ कु॒क्षी ॥ (२०)
हि हिन्दी अनुवाद
अज ने सब से पहले व्यतिक्रमण किया तो उस का पेट भूमि, पीठ द्यौ, अंतरिक्ष मध्य भाग, पसलियां दिशाएं और कोखें सागर हुई. (२०)
EN English Translation
Aj first of all, devised, then his stomach became the land, the back, the space was the middle part, the ribs were directions and the wombs were the ocean. (20)
स॒त्यं च॒र्तं च॒ चक्षु॑षी॒ विश्वं॑ स॒त्यं श्र॒द्धा प्रा॒णो वि॒राट्शिरः॑ । ए॒ष वा अप॑रिमितो य॒ज्ञो यद॒जः पञ्चौ॑दनः ॥ (२१)
हि हिन्दी अनुवाद
अज के नेत्र सत्य और ऋत हुए, प्राण श्रद्धा हुए एवं शीश विराट् हुआ. इस प्रकार वह अज वास्तव में विश्व हुआ. यह पंचौदन रूपी अज असीमित यज्ञ है. (२१)
EN English Translation
Aj's eyes were true and hearted, life was reverent and the head became huge. Thus he actually became the world. This panchaudan form is an unlimited yajna. (21)
अप॑रिमितमे॒व य॒ज्ञमा॒प्नोत्यप॑रिमितं लो॒कमव॑ रुन्द्धे । यो॒जं पञ्चौ॑दनं॒ दक्षि॑णाज्योतिषं॒ ददा॑ति ॥ (२२)
हि हिन्दी अनुवाद
जो यजमान दक्षिणा से प्रकाशित अज को पंचौदन के रूप में देता है, वह यज्ञ के असीमित फल को प्राप्त करता है तथा अपरिमित लोकों का उद्घाटन करता है. (२२)
EN English Translation
The host who gives the aj published from dakshina in the form of Panchaudan, he gets the unlimited fruits of the yajna and inaugurates the infinite worlds. (22)
नास्यास्थी॑नि भिन्द्या॒न्न म॒ज्ज्ञो निर्ध॑येत् । सर्व॑मेनं समा॒दाये॒दमि॑दं॒ प्र वे॑शयेत् ॥ (२३)
हि हिन्दी अनुवाद
न तो इस अज की हड्डियों को तोड़े और न इस की मज्जा अर्थात् चरबी को धोए. इसे पूर्ण रूप से ले कर यह कहे कि मैं इस में प्रवेश करता हूं. (२३)
EN English Translation
Neither break the bones of this aj nor wash its marrow i.e. fat. Take it completely and say that I enter it. (23)
इ॒दमि॑दमे॒वास्य॑ रू॒पं भ॑वति॒ तेनै॑नं॒ सं ग॑मयति । इषं॒ मह॒ ऊर्ज॑मस्मै दुहे॒ यो॒जं पञ्चौ॑दनं॒ दक्षि॑णाज्योतिषं॒ ददा॑ति ॥ (२४)
हि हिन्दी अनुवाद
उस का रूप यही है. इसी से वह हम को फल प्राप्त कराता है. जो दक्षिणा से प्रकाशित अज का पंचौदन के रूप में दान करता है, वह अज दानकर्ता को अन्न के साथ बल प्रदान करता है. (२४)
EN English Translation
That's the look of that. From this, he gives us fruit. The one who donates aj published from Dakshina in the form of Panchodana, he gives strength to the aj donor with food. (24)
पञ्च॑ रु॒क्मा पञ्च॒ नवा॑नि॒ वस्त्रा॒ पञ्चा॑स्मै धे॒नवः॑ काम॒दुघा॑ भवन्ति । यो॒जं पञ्चौ॑दनं॒ दक्षि॑णाज्योतिषं॒ ददा॑ति ॥ (२५)
हि हिन्दी अनुवाद
जो दक्षिणा से प्रकाशित होते हुए अज को पंचौदन के रूप में दान करता है, उस को पांच स्वर्ण मुद्राएं, पांच नवीन वस्त्र और इच्छानुसार दूध देने वाली पांच गाएं प्राप्त होती हैं. (२५)
EN English Translation
One who donates aj as panchaudan, illuminated by dakshina, receives five gold coins, five new clothes and five cows that give milk as per his wish. (25)
पञ्च॑ रु॒क्मा ज्योति॑रस्मै भवन्ति॒ वर्म॒ वासां॑सि त॒न्वे भवन्ति । स्व॒र्गं लो॒कम॑श्नुते॒ यो॒जं पञ्चौ॑दनं॒ दक्षि॑णाज्योतिषं॒ ददा॑ति ॥ (२६)
हि हिन्दी अनुवाद
जो दक्षिणा से प्रकाशित अज को पंचौदन के रूप में दान करता है, वह स्वर्गलोक का भोग करता है. उसे चमकती हुई पांच स्वर्ण मुद्राएं तथा शरीर पर वस्त्र और कवच प्राप्त होते हैं. (२६)
EN English Translation
He who donates aj published from Dakshina in the form of Panchaudan, he enjoys heaven. He receives five shining gold postures and clothes and armor on the body. (26)
या पूर्वं॒ पतिं॑ वि॒त्त्वाऽथा॒न्यं वि॒न्दतेऽप॑रम् । पञ्चौ॑दनं च॒ ताव॒जं ददा॑तो॒ न वि यो॑षतः ॥ (२७)
हि हिन्दी अनुवाद
जो स्त्री पूर्व पति को वाग्दान के रूप में जान कर भी अन्य पुरुष को प्राप्त कर लेती है, वे दोनों पंचौदन के रूप में अज का दान करने से कभी अलग नहीं होते. (२७)
EN English Translation
The woman who gets another man even after knowing the former husband as vagdan, they are never separated from donating aj in the form of Panchodan. (27)
स॑मा॒नलो॑को भवति पुन॒र्भुवाप॑रः॒ पतिः॑ । यो॒जं पञ्चौ॑दनं॒ दक्षि॑णाज्योतिषं॒ ददा॑ति ॥ (२८)
हि हिन्दी अनुवाद
जो दक्षिणा से प्रकाशित अज को पंचौदन के रूप में दान करता है, वह पुनर्विवाहिता के साथ समान लोकों में निवास करता है. (२८)
EN English Translation
One who donates aj published from Dakshina as Panchaudan resides in the same worlds with remarriage. (28)
अ॑नुपू॒र्वव॑त्सां धे॒नुम॑न॒ड्वाह॑मुप॒बर्ह॑णम् । वासो॒ हिर॑ण्यं द॒त्त्वा ते य॑न्ति॒ दिव॑मुत्त॒माम् ॥ (२९)
हि हिन्दी अनुवाद
जो स्वर्ण के तारों से कट़े हुए वस्त्रों सहित उपबर्हण अर्थात् गर्भाधान समर्थ बैल और प्रतिवर्ष बछड़ा देने वाली गाय का दान करते हैं, वे उत्तम स्वर्ग में जाते हैं. (२९)
EN English Translation
Those who donate upbarhan i.e. insemination able bull and cow giving calf every year with clothes cut from gold wires, they go to the best heaven. (29)
आ॒त्मानं॑ पि॒तरं॑ पु॒त्रं पौत्रं॑ पिताम॒हम् । जा॒यां जनि॑त्रीं मा॒तरं॒ ये प्रि॒यास्तानुप॑ ह्वये ॥ (३०)
हि हिन्दी अनुवाद
मैं अपनेआप को, पिता को, पुत्र को, पौत्र को, बाबा को, पत्नी तथा जन्म देने वाली माता को एवं समस्त प्रियजनों को बुलाता हूं. (३०)
EN English Translation
I call myself, father, son, grandson, baba, wife and mother who gave birth and all loved ones. (30)